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Post Graduate Diploma in Geospatial Technology Applications in Rural Development(PGDGARD)

लक्ष्यन और रणनीति

संचार प्रौद्योगिकी में तेजी से हो रहे परिवर्तनों तथा ग्रामीण विकास में व्या पक प्रशिक्षित लोगों की बढ़ती आवश्यशकताओं को ध्यातन में रखते हुए एन आई आर डी पी आर ने दूरस्थो शिक्षा सेल की स्था पना की । इस सेल के अधिदेश में सरकारी संगठनों का विकास, कार्मिक, चयनित प्रतिनिधि तथा शिक्षित युवाओं को प्रबंधक में बदलने के लिए अनेक कार्यक्रम आरंभ करना है ।

कार्यक्रम

ग्रामीण विकास में जी आई एस अनुप्रयोग एक विचार है जिसमें ग्रामीण विकास परियोजनाओं की योजना, कार्यान्वीयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांाकन के द्वारा स्थालनीय स्तनर पर लोगों को सशक्तो बनाना है तथा वर्तमान , भावी और अतीत में व्या्पक रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की संपूर्ण सूचना प्रदान करना हैं । ई – शासन में जी आई एस एक किफायती माध्ययम है इसके द्वारा जी-शासन (जी आई एस शासन) को सभी स्तारों पर, किसी भी समय में, किसी भी स्थामन पर संभव किया जा सकता है तथा यथासमय सक्रिय प्रक्रिया में निर्णय लेने ओर सूचना जारी करता है और स्थामनीय लोगों की पूर्ण सहभागिता और समावेश को सुनिश्चित करता है । ग्रामीण विकास में भू-स्थाजनिक प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग में स्नासतकोत्त र डिप्लोतमा कार्यक्रम (पी जी डी –जी ए आर डी) को सभी क्षेत्रों के विकास कार्यकर्ताओं के लिए तैयार किया गया है तथा ग्रामीण विकास की परियोजनाओं और कार्यक्रमकों की योजना और कार्यान्वेयन के साथ सीधे रूप में जुड़ा हुआ है । क्षेत्रीय क्रियाकलाप जैसे - शिक्षा, स्वातस्‍थ्यी, वानिकी, कृषि, इंजीनियर, सड़के, आधारभूत संरचना, आई सी टी, सिंचाई, पेयजल, संकट प्रबंध, योजना, अनुश्रवण, मछली पालन , पशुपालन आदि । ग्रामीण विकास कार्यक्रमों / परियोजनाओं में भारत ओर विदेशों में प्रबंधकों के रूप में जो अधिकारी काम कर रहे हैं उसका वित्तैपोषण विश्वं बैंक, यू एस डी पी, एफ ए ओ, आई एफ ए डी एवं विभिन्नी अन्या अंतरराष्ट्री य संगठनों द्वारा किया जा रहा है । ग्रामीण विकास में भू-स्थाएनिक प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग (पी जी डी-जीए आरडी) में एक वर्षीय स्ना तकोत्तरर डिप्लोरमा को एन आई आर डी एवं पी आर द्वारा दूरस्थत पद्धति पर संचालित किया जा रहा है जिसे अगस्त्, 2015 से शुरू किया गया है ।

उद्देश्य

कार्यक्रम में मुख्य्त: ग्रामीण विकास क्षेत्र में जी आई एस के अनुप्रयोग तकनीक, दूर संवेदी, जी पी एस एवं विभिन्नि कार्यक्रमों एवं परियोजनाओं का निर्णय करना एवं मॉडेलिंग, स्था,नीय डाटा खनन, योजना, अनुश्रवण , निर्णय बनाने से संबंधित सॉफ्टवेयर एवं डाटा उत्पा द की व्याटपक जानकारी को कवर किया जाता है आगे, इसमें परिचालन क्रियाविधियों को सीखाया जाएगा एवं इसमें निहित आंतरिक विशेषताओं को कवर किया जाएगा ताकि स्था नीय स्तार योजना एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया में भू-स्था निक प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जा सके ।

पी जी डी –जी ए आर डी – कार्यक्रम का उद्देश्यक निम्नकलिखित है :

  • भू-स्था–निक प्रौद्योगिकी की जानकारी देना
  • भू-स्थाहनिक प्रौद्योगिकी की विभिन्नो प्रक्रियाओं पर अनुभव दिलाना
  • भू-स्थाानिक प्रौद्योगिकी की विभिन्ने अनुप्रयोग संभावनाओं की जानकारी देना ।
  • ग्रामीण विकास में भू-स्था<निक प्रौद्योगिकी संबंधी सॉफ्टवेयर साधनों , प्रौद्योगिकी एवं अनुप्रयोग की जानकारी देना ।

लक्ष्यन और रणनीति

ग्रामीण विकास में बड़े पैमाने पर बढ़ते हुए प्रशिक्षित स्टॉ फ की आवश्‍यकता, संचार तथा प्रौद्योगिकी के त्वमरित बदलाव को देखते हुए एन आई आर डी ने दूरस्थभ शिक्षा सेल गठित किया है । इस सेल के अधिदेश में सरकारी संगठनों के विकास कार्मिकों , निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं शिक्षित युवाओं को प्रारंभ करना है ।

देश में ग्रामीण विकास प्रबंध विशेषज्ञों के समर्पित एवं सक्षम कैडर को विकसित करना, तथा ग्रामीण विकास में उजागर करने वाली मुख्यि नीतियों और प्रबंधन मुद्दों वाले पाठ्यक्रमों का प्रस्तातव करना, छात्रों को मुख्यक विकास एवं प्रबंधन पैनी दृष्टि प्रदान करना तथा योजना और प्रबंधन ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के लिए विश्लेयषणात्म क कौशल प्रदान करना तथा छात्रों की क्षमताओं को विकसित करना तथा सही दृष्टिकोण, मूल्योंव एवं नीतियों को उतप्रेरित करना ।

आदिवासी विकास प्रबंधन में स्ना तकोत्त>र डिप्लोंमा (पी जी डी-टी डी एम) – भारत के संविधान के अनुच्छेाद 366(25) में उन समुदायों को अनुसूचित जनजाति में उल्लिखित किया गया है जो अनुच्छेरद 342 के तद्नुसार अनुसूचित है । इस अनुच्छे्द के अनुसार अनुसूचित जनजाति वे जनजाति लोग है या आदिवासी समुदाय है या इन समुदायों आदिवासी समुदायों का एक भाग है जिसे लोक अधिसूचना के माध्यिम से राष्ट्ररपति द्वारा घोषणा की जाती है । वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश की कुल जनसंख्याज (लगभग 835.80 लाख) का 8.10 प्रतिशत भाग आदिवासी जनसंख्याा हैं । देश के विभिन्नत प्रांतों में मुख्योत: छत्तीासगढ़, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थावन, जम्मूा-मकश्मीिर, महाराष्ट्रु, कर्नाटक आन्ध्रल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्त रांचल, केरल, तमिलनाडु, बिहार, उत्त‍र प्रदेश एवं सिक्किम सहित उत्तपर –पूर्वी राज्यन में जनजातियों की संख्याे बहुत अधिक हैं । यद्यपि , ये आदिवासी समूह काफी समय से गंभीर निर्धनता में जीवन यापन कर रहे हैं । ऐसी परिस्थितियों में आदिवासी विकास विशेषज्ञों के प्रशिक्षकों को तैयार की नितांत आवश्यिकता है जो आदिवासी लोगों के जीवन स्तवर में सुधार कर सके । छात्रों और कार्यरत पदाधिकारियों को अवसर प्रदान करने के प्रयास हेतु यह निर्णय किया गया हे कि दूरस्थं पद्धति पर आदिवासी विकास पर कार्यक्रम को प्रारंभ करें । इस कार्यक्रम का शीर्षक ‘’ आदिवासी विकास प्रबंधन में स्नाततकोत्तरर डिप्लोकमा (पी जी डी-टी डी एम) नाम दिया गया । पंजीकृत छात्रों को एक ऐसा विशिष्टब अवसर होगा जहां वे आदिवासी विकास परियोजनाओं के प्रबंधन को विकसित करने तथा उच्च क्षमताओं और मजबूत संभावनाओं को बना सकेंगे ।

यह कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ-साथ नये स्नाचतको के लिए अनुकूल है । कार्यक्रम को सलाहकारी समिति के श्रेष्ठर मार्गदर्शन में तैयार किया गया है । इसका उद्देश्य प्रतिभागियों में प्रबंधकीय कौशलों, अनुसंधान क्षमता एवं स्वस-विकास करना है । पी जी डी – टी डी एम के अंतिम चरणों में परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए छात्र तीन महीने एन जी ओ, सी बी ओ एवं अनुसंधान संस्थानों में रहेंगे ।

Brochure

Admission Procedure

The candidates selected for admission will be intimated by post individually. The list of selected candidates will also be displayed on the notice board at the Distance Education Cell, CGARD and the institute’s website (www.nird.org.in). Only those, who pay the fee within the stipulated date, are treated as admitted. Mere receipt of admission offer letter does not entitle any right to claim admission. Students, who do not furnish full information and proof by attaching attested (by a Notary/ Gazetted Officer or a person holding equivalent rank), Xerox/Photo copies of documents Academic Certificates, Mark Sheets and Service Certificates (clearly showing the number of years of service and the field of work) about their Academic Professional Records are liable to be rejected. Irrespective of the claims made by an applicant on the application form, marks weightage would be given only on the basis of Certificates and Transcripts that are attested. Any document sent separately after submission of the application, will not be considered. Verification of all the Original Certificates / Marks Memos / Experience Certificates will be done at the time of contact cum handholding Session at designated Contact Centers. The students are therefore required to bring their Original Certificates when they attend Contact cum Handholding Classes. Students will be permitted to attend Contact cum Handholding Session only after this verification. Until then, their Admission will be Provisional.

Eligibility

Graduates in any discipline from a recognised University. Those who are in the final year and expect to complete all the requirements of graduation before enrolment date are also eligible.

Duration :

One year (Semester System), maximum three years (Registration is valid for 3 years from the year of enrollment)

Medium of Instruction : English

Student Support System

  • Self Instructional Study Material
  • Web-based on line learning resources
  • Networked video conferencing at selected centre
  • Personal Contact and handholding Sessions at a contact centre
  • Regular uploads on the website

Admission of Sponsored Candidates

The Government Departments / Organisations / Institutions / NGOs/ International Organisations etc may sponsor their officials for admission to his programme by duly forwarding their applications and paying full Programme Fee for their admitted candidates.

Submission of Application Forms

Applications completed in all respects accompanied by copies of relevant certificates and Application Fee of Rs 500/- For Gen/ Rs.300 For SC/ST/PH can be sent to the following address through DD drawn in favour of "NIRD-DEC-PGCGARD" payable at Hyderabad.

Check List for sending Application

  1. Download Application Form from Website: www.nird.org.in
  2. Demand Draft for Application Fee: Rs. 500/- for Gen/ OBC and Rs. 300/- for SC/ST/PH/ Northeast /J&K applicants Draft to be drawn in favour of "NIRD-DEC-PGCGARD" and payable at Hyderabad
  3. Attested Photostat Copies of:
    1. SC/ST/OBC (Latest)/ PH Certificate from competent authority (wherever applicable)
    2. Secondary School Certificate (SSC) or Matriculation or High School (Date of Birth Proof)
    3. Intermediate Senior Secondary Education (10+2) Certificate
    4. Bachelor’s Degree/ Provisional Degree Certificate, Marks Memo
    5. Post-graduate Degree/ Provisional Degree Certificate, Marks Memo
    6. Experience Certificate, if any.

Filled- in Application Forms/Queries to be sent to

Programme Director,

Distance Education Cell,

National Institute of Rural Development and Panchayati Raj,

Rajendranagar

Hyderabad – 500 030 (India).

Tele Fax:040-24008585,

Email: pgdgard2015@gmail.com

Website : www.nird.org.in/pgdgard.aspx

Programme Coordinator, PGD-GARD,

Prof. & Head, CGARD

National Institute of Rural Development and Panchayati Raj,

Rajendranagar

Hyderabad – 500 030 (India).

Tele Fax:040- 24008447,

Email: pgdgard2015@gmail.com;

Programme Fee

Admitted students will deposit Rs 12,000/-(Rs 10,000/- for SC /ST /PH) in two equal installments at the commencement of each Semester. The Sponsoring Organisations, however, have to deposit full fee at the time of registration of their candidate(s). Fee once paid will not be returned under any circumstances.

Fee for NRIs/Foreign Students: US $ 800

Course Structure

The Programme will be offered in two semesters and have 34 credits. First semester has 18 credits and second semester has 16 credits. One credit is equal to 30 hours of study. The learning material for each course has been divided into Blocks and each block will have a number of units. For each course of four credits, a student is required to spend 120 hours for self learning including assignment (30 marks). There will be contact and handholding Sessions at contact centre, which will be conducted by CGARD Faculty and well known experts and will be followed by final examination (70 marks). Each of the Courses and the Project Work will be evaluated for 100 marks.

1st Semester

  1. GARD-501 :Geographic Information System
  2. GARD-502 :Satellite Remote Sensing-I
  3. GARD-503 :Global Positioning System
  4. GARD-504 Rural Development: Concepts, Practice, Policies & Programmes
  5. GARD-505 Project Planning and Management
  6. GARD-506 GIS Application in Rural Development and LAB Practice

2nd Semester

  1. GARD-507: Satellite Remote Sensing –II
  2. GARD-508: Spatial Data Analysis and Modeling
  3. GARD-509: Spatial Decision Support System for Rural Development
  4. GARD-513: Project

Elective (One to be Taken)

  1. GARD-510: Rural Infrastructure Management
  2. GARD-511: Natural Resource Management
  3. GARD-512: Disaster Management

Scheme of Evaluation

The evaluation system is designed to assess the student’s progress systematically though internal assessment as well as semester – end examinations. Following evaluations will be made for each course offered.

Theory courses

Assignments : 30 Marks

Semester-end final exam : 70 Marks

Total 100 Marks

Major Project

Dissertation : 70 Marks

Comprehensive Viva Voce : 30 Marks

Total 100 Marks

संकाय

डॉ सी एस सिंघल

प्रोफेसर एवं अध्यक्ष

शैक्षिक योग्यता : पीएच. डी.(मनोविज्ञान), पी जी डी एच आर एम, पीजीडीजे, और एमसी, पीडीएम(एआईएम फिलीपिंस)
विशेषज्ञ क्षेत्र : शैषिक मनोविज्ञान में विशेषज्ञता, व्यवहार और संगठनात्मक विकास,मानव संसाधन प्रबंध, लिंग एवं विकास, सिविल सोसायटी संगठन, गैर सरकारी संगठन, युवा विकास ;
ईमेल : singhal.nird[at]gov.in
फ़ोन : (+91) 040-24008456
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डॉ आर्याश्री देवप्रिया

सह - प्राध्यापक

शैक्षिक योग्यता : एम ए (अर्थशाश्त्र) एमबीए,पीएचडी
विशेषज्ञ क्षेत्र : ग्रामीण उत्पाद विपणन, ग्रामीण ऋण, माइक्रो फाइनेंन्स, विश्व व्यापार संगठन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार, उत्पाद और ब्रांड प्रबंधन, सहकारी प्रबंधन।
ईमेल : debapriya.nird[at]gov.in
फ़ोन :
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डॉ सोनल मोबर रॉय

सहायक प्रोफेसर

शैक्षिक योग्यता : एम ए (समाजिक नृविज्ञान) पी एच डी (समाजशास्‍त्र)
विशेषज्ञ क्षेत्र : शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य का समाजशास्‍त्र , संस्‍कृति और आदिवासी अध्‍ययन, जेंडर के संबंध में सामाजिक समावेशन और प्रशिक्षण अनुसंधान पद्धति और क्रियाविधि शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य में आई टी मॉनिटरिंग और मूल्‍यांकन, सामाजिक नेटवर्क और क्राउड सोर्सिंग
ईमेल : sonalmobarroy.nird[at]gov.in
फ़ोन : (+91) 040-24008540
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संपर्क करें

डॉ सी एस सिंघल

प्रोफेसर एवं अध्यक्ष

दूरस्थन शिक्षा सेल

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान

राजेन्द्रीनगर, हैदराबाद – 500 030

टेलीफोन : 040 - 24008585

ईमेल : pgsrd2009@gmail.com

 

Last Update : 21-02-17

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